जयपुर डेयरी के चुनाव को लेकर सोमवार को बडी राहत की खबर मिली है. इसके लिए जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने जयपुर डेयरी के चुनाव नही करवाने संबंधी रोक को हटा दिया है.जिससे जयपुर डेयरी बोर्ड के चुनाव का रास्ता साफ हो गया है.चुनाव के लिए पूर्व चेयरमैन ओम पूनिया ने न्यायालय में अपने अधिवक्ता अभिनव शर्मा के जरिये कहा की मोहन बढ़ाला ने याचिका लगा कर न्यायालय में गलत और मनगढ़ंत तथ्यों के आधार पर चुनाव पर रोक लगवाई थी। सुनवाई के बाद न्यायालय ने स्थगनादेश खारिज कर दिया। जिससे अब जयपुर डेयरी बोर्ड के चुनाव हो सकेगे।
आपको बतादे याचिकाकर्ता मोहन बढ़ाला ने याचिका पेश कर कोरोनो के चलते न्यायालय में जयपुर डेयरी चुनाव पर रोक की मांग की थी। 20.4.21 को अंतरिम सुनवाई में न्यायालय को गलत तथ्य बताए की जयपुर डेयरी की प्रारंभिक सदस्य समितियों के चुनाव करवाए बिना बोर्ड के चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी गई है। निवर्तमान चेयरमैन ओम पूनिया ने मामले में अपने अधिवक्ता डॉ अभिनव शर्मा के जरिए न्यायालय को अवगत करवाया की जयपुर डेयरी की 2546 समितियां प्रारंभिक सदस्य है और जिन समितियों के चुनाव चल रहे है वो अभी तक वोटिंग अधिकारिता नही रखती है।
जिस पर न्यायालय आदेश के बाद आज सरकार ने भी जवाब पेश कर कहा की याचिकाकर्ता ने न्यायालय को गुमराह किया सरकार ने 16.4.21 को कोविड की स्थिति को देखते हुए चुनाव स्थगित किए हुए थे इस पर न्यायालय से चुनावी प्रक्रिया पर बिना सही तथ्य दिए रोक लगा दी गई।जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने अपने आदेश में कहा की न्यायालय द्वारा स्थगनादेश दिए जाने से पहले ही कॉविड की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार चुनाव स्थगन कर चुकी थी इसमें न्यायालय का आदेश वापस लिया जाता है और यह इसलिए भी कि प्रारंभिक समितियों के चुनाव हो चुके हैं।
जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट,


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