झालावाड़ से हरिमोहन चोडॉवत

झालरापाटन का द्वारिकाधीश मन्दिर झालावाड़ जिले ही नही पूरे हाड़ौती में प्रसिद्ध है।  यह मंदिर पुष्टि भक्ति मार्गीय वल्लभाचार्य के समर्पित मंदिर है।  ऐसे राजस्थान में 3 ही मन्दिर है जहा पुष्टि भक्ति मार्गीय पद्दति से पूजा की जाती है। पहला नाथद्वारा, दूसरा कांकरोली और तीसरा झालरापाटन में भगवान द्वारिकाधीश मन्दिर है। यहां मन्दिर में भगवान द्वारकाधीश का बाल स्वरूप रूप दिखाई देता है।इसको झालावाड़ के पहले नरेश झाला जालिम ने मूर्ति लाकर  स्थापित किया था।  बताया जाता है कि भगवान द्वारकाधीश का बाल की मूर्ति को कोटा से अपनी पगड़ी में यहां लाये थे।तभी से यहां पर सुबह शाम पूजा-अर्चना होती है और पूरे झालावाड़ जिले से ही नहीं बल्कि पूरे संभाग से श्रद्धालु यहां आकर दर्शन लाभ लेते है।आज भगवान द्वारकाधीश का जन्मोत्सव है और सुबह से ही लोगो की भीड़ उमड़ रही है।  

आज देर शाम रात्रि 12:00 बजे भगवान द्वारकाधीश के मंदिर में जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग यहां आएंगे तथा कोराना गाइडलाइन के अनुसार आज भगवान द्वारकाधीश मंदिर पर प्रसाद वितरण नहीं होगा।  कोरोना गाइडलाइन में अनुसार ही यहां दर्शन होंगे।