ब्यूरो रिपोर्ट।

बहुचर्चित कमलेश प्रजापति एनकाउंटर मामले में रविवार को सीबीआई के बाड़मेर सर्किट हाउस कैंप में कुम्हार महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ने अपना बयान दर्ज करवाया है. सीबीआई लगातार इस केस से जुड़े लोगों के बयान ले रही है और पूछताछ कर रही है.

दरअसल राजस्थान के बहुचर्चित कमलेश प्रजापति एनकाउंटर मामले में रविवार को सीबीआई के बाड़मेर सर्किट हाउस कैंप में कुम्हार महासभा के प्रदेश अध्यक्ष किशोर दुल्हेपुरा ने अपने बयान दर्ज करवाया. साथ ही कमलेश प्रजापत से जुड़े सबूत और तथ्य सीबीआई को सोंपे.इधर कमलेश प्रजापत के भाई की याचिका पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता धीरेंद्र सिंह दासपा के तर्कों के आधार पर बाड़मेर पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा, पाली पुलिस अधीक्षक, थानाधिकारी सांडेराव, पुष्पेंद्र आढ़ा उप-अधीक्षक, प्रेम प्रकाश पुलिस निरीक्षक,परबत सिंह पुलिस निरीक्षक, प्रभु राम उप-निरीक्षक, महिपाल सिंह, हरदान, मेहा राम, दुर्ग सिंह, प्रेम कुमार, दिनेश कुमार, रमेश कुमार, कानाराम, पुखराज, किशोर, प्रेमा राम, श्याम लाल,प्रभुराम, श्रीराम, राजकुमार, नरसिंग राम पर लगे आरोपों की सीबीआई द्वारा की जा रही जांच की निगरानी याचिका को हाईकोर्ट ने स्वीकार किया है।

बता दे कि 1 महीने से ज्यादा का समय हो गया है सीबीआई की एक टीम लगातार बाड़मेर सर्किट हाउस में कैंप किए हुए हैं जो कि लगातार इस केस से जुड़े लोगों के बयान ले रही है और पूछताछ कर रही है.कुम्हार महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ने CBI को सौंपी आंदोलन से जुड़े सबूत और तथ्यकुम्हार महासभा के प्रदेश अध्यक्ष किशोर दुल्हेपुरा ने रविवार को सीबीआई में अपने बयान दर्ज करने के बाद शाम को डाकबंगलो में प्रेस वार्ता का आयोजन कर अपनी बात रखते हुए कहा कि सीबीआई की ओर से उन्हें 8 अगस्त यानी आज 3 बजे पेश होने के लिए नोटिस भेजा गया था.उन्होंने बाड़मेर सीबीआई कैंप में अपने बयान और इस आंदोलन से जुड़े तथ्यों को सीबीआई को सौंपी है. जो भी घटनाक्रम हुआ और उससे जुड़े हुए तथ्य के बारे में सीबीआई को जानकारी दी.वही कमलेश प्रजापत के भाई की याचिका पर सुनवाई के दौरान 

सीबीआई द्वारा की जा रही जांच की निगरानी याचिका को हाईकोर्ट ने स्वीकार किया है।

गौरतलब है कि राजस्थान के बाड़मेर जिले में 22 अप्रैल को बाड़मेर पुलिस ने कमलेश प्रजापत का एनकाउंटर उसी के घर पर कर दिया था. जिसके बाद से ही लगातार ये एनकाउंटर विवादों में आ गया था. कांग्रेस से लेकर बीजेपी के नेता और मंत्री लगातार इस मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे. अशोक गहलोत सरकार ने इस मामले में सीबीआई की सिफारिश की थी. जिसके बाद गृह मंत्रालय ने सीबीआई की सिफारिश को मंजूर कर दिया था.वही कमलेश प्रजापत के भाई की याचिका पर सुनवाई के दौरान