ब्यूरो रिपोर्ट।
नगरीय विकास,आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री श्री शांति धारीवाल ने ऐलान किया कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में बाढ़ एवं अतिवृष्टि के कारण विकट हालात बने हुए हैं और राज्य सरकार द्वारा अनेक क्षेत्रों में बाढ़ राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। कोविड -19 के दोरान सरकार द्वारा प्रदेश में लगाये गये लॉकडाउन की अवधि मे शहरी क्षेत्रों के जरूरतमन्दों को कोई भूखा ना सोए की अवधारणा के तहत् इन्दिरा रसोईयों के माध्यम से निशुल्क भोजन पैकेट उपलब्ध कराए गये थे, जिसकी प्रशंसा सभी स्तर पर हुई थी।पूर्व आदेशों के क्रम में दिए गए निर्देशों के अनुरूप इसी अवधारणा के मद्देनजर एवं पूर्व दिशा-निर्देशों अनुसार शहरी क्षेत्रों के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के जरूरतमंदों एवं अन्य प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्रों के जरूरतमंदों को इंदिरा रसोई के माध्यम से निःशुल्क भोजन पैकेट उपलब्ध करवाए जाएंगे।इस संबंध में निर्देशित किया गया है कि रसोई संचालकों द्वारा नगरीय निकायों की मांग पर निःशुल्क भोजन पैकेट उपलब्ध कराये जायेंगे एवं नगरीय निकायों द्वारा ही भोजन पैकेट्स का वितरण किया जाएगा। इस कार्य हेतु आवश्यक फण्ड की व्यवस्था नगरीय निकाय द्वारा स्वयं के स्तर से अथवा जिला कलक्टर के माध्यम से की जावेगी।
सभी नगरीय निकाय द्वारा निःशुल्क भोजन पैकेट वितरण की प्रतिदिन संख्या का रिकॉर्ड एक रजिस्टर में संधारित करेंगे एवं कुल भोजन पैकेट वितरण का विवरण इन्दिरा रसोई प्रकोष्ठ, जयपुर को प्रेषित करेंगे ताकि भोजन वितरण राशि का इन्द्राज रसोई संचालक के इन्वॉइस में किया जा सके।भोजन पैकेट वितरण में कोरोना गाईडलाईन का पालन किया जाएगा।भोजन पैकेट वितरण हेतु आवश्यकतानुसार एक्टेन्शन काउन्टर भी आवश्यकतानुसार बनाए जा सकते हैं।
निःशुल्क भोजन वितरण का कार्य पूर्ण पारदर्शिता के साथ हो, इस हेतु नगर निकायों द्वारा इन्दिरा रसोईयों में एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जावेगी।इस कर्य मे किसी प्रकार की कोताही बरतने पर नगर निकायों / इन्दिरा रसोई संचालकों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।इस कार्य की मॉनीटरिंग सम्बन्धित उपनिदेशक (क्षेत्रीय), स्थानीय निकाय विभाग द्वारा की जावेगी।


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