ब्यूरो रिपोर्ट।

देश की राजनीति में अपराधीकरण पर सुप्रीम कोर्ट का एक बड़ा आदेश मंगलवार को सामने आया है। इस मामले में कोर्ट में दाखिल की गई याचिका पर  फैसला करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस भी राजनेता का अपराधिक रिकॉर्ड है, उसे सबके सामने उजागर किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राजनीतिक दलों को यह आदेश दिया है कि वह अपने ऐसे उम्मीदवारों की सूची जारी करें, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है। इस रिकॉर्ड को पब्लिक प्लेटफॉर्म पर भी जारी किया जाए। इसके साथ ही सोशल मीडिया के साथ सभी के सामने यह स्पष्ट किया जाए कि आखिर इस उम्मीदवार को टिकट क्यों दिया गया ? देश की शीर्ष अदालत ने आदेश की पालना के निर्देश चुनाव आयोग को दिए हैं। अब ये चुनाव आयोग की जिम्मेदारी होगी कि टिकट प्राप्त करने वाले सभी उम्मीदवारों के ब्योरे का रिकॉर्ड दर्ज कर उसे सार्वजनिक करें। अब यदि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना नहीं की गई तो इसे कोर्ट की अवमानना माना जाएगा यानी कि एक कोर्ट ऑफ कंटेंट करार दिया जाएगा। देश में पहली बार आए इस फैसले के अनुसार सभी राजनीतिक पार्टियों को ऐसे उम्मीदवारों का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करना पड़ेगा, जिनके खिलाफ अपराधिक केस दर्ज हैं। इसमें एफआईआर नंबर की सूचना भी देनी होगी और किसके खिलाफ कितने केस दर्ज हैं इसकी पूरी जानकारी चुनाव आयोग सहित सोशल मीडिया पब्लिक प्लेटफार्म और इलेक्ट्रॉनिक सहित प्रिंट मीडिया को भी सार्वजनिक करनी होगी। इसके साथ ही सबसे खास बात यह है कि राजनीतिक दलों को यह वजह भी बतानी होगी कि ऐसे आदमी को टिकट क्यों दिया गया।

 सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब देश की जनता में खुशी की लहर व्याप्त हो गई है। देर से ही सही आखिरकार राजनीतिक दलों की ऐसी महत्वाकांक्षाओं पर कुठाराघात हुआ है जिसे कि उन्होंने पिछले दो दशक के दौरान अपना लिया था। देश का कोई भी राजनीतिक दल इस मामले में अछूता नहीं है। राजनीति में अपराधीकरण को लेकर पिछले कई सालों से सवाल उठाए जा रहे थे, जिसका नतीजा अब सामने आया है।