उदयपुर में हो रही चैन स्नेचिंग के मामले में पुलिस को बडी सफलता मिली है। पुलिस ने चैन स्नेचिंग के मुख्य आरोपी लोकेश पुरी गोस्वामी सहित पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। लोकेश पुरी गोस्वामी की गैंग ने अब तक उदयपुर के साथ साथ राजस्थान के कई जिलों सहित मध्यप्रदेश में चैन स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम दिया है। 

चैन स्नेचिंग गिरोह का भांडाफोड करने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक डॉ राजीव पचार ने बताया कि उदयपुर में पिछले चार सालों में हुए चैन स्नेचिंग की वारदातों में से अधिकांश वारदातों में लोकेश पुरी गोस्वामी शामिल था। लोकेश पुरी गोस्वामी कई वारदातें खुद अंजाम देता था तो कुछ वारदातें अपनी गैंग के सदस्यों से करवाता था। उदयपुर शहर के अलग अलग थानो में दर्ज चैन स्नेचिंग की वारदातों में से 27 वारदातों को करना कबूल किया है।

 डॉ पचार ने यह भी बताया कि लोकेश पुरी गोस्वामी और उसकी साथी भीलवाडा जिले के रहने वाले है और लोकेश पुरी गोस्वामी भीलवाडा से सुबह रवाना होने के बाद दिन में उदयपुर में चैन स्नेचिंग की वारदात को अंजाम देते थे। इसके बाद वह वापिस चले जाते या फिर उदयपुर में ही होटल में ठहर जाते। उन्होने यह भी बताया कि लोकेश पुरी गोस्वामी और उनके साथियों से बरामदगी के प्रयास किये जा रहे है। इसके अलावा 40 से 45 वारदातों को करना कबूल किया। 

वारदातों को अंजाम देने के लिए अलग अलग योजना बनाते और उसके बाद उन योजनाओं पर कार्य करते हुए चैन स्नेचिंग की वारदातों को अजंाम देते। जिला पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि जो व्यक्ति सक्षम है वह व्यक्ति अपने घर के बाहर जरूर सीसीटीवी कैमरे लगवाए। इसके अलावा पुलिस अपने स्तर पर 100 से अधिक कैमरे अलग अलग चौराहों पर लगाए गये है। अब तक जितने खुलासे हुए है उनमें प्राथमिक जांच सीसीटीवी कैमरे से मिले फुटेज के आधार पर ही की गई है।

उदयपुर से भगवान प्रजापत की रिपोर्ट,