हनुमानगढ़ से विश्वाश कुमार की रिपोर्ट।
11 बजे से पहले व बाद में दुकानो व सड़को पर हर तरह भीड़ का मंजर देखने को मिला भीड़ भी इतनी की सड़कों पर जाम तक लगा रहा।लेकिन पुलिसकर्मी ववस्थायों को सुधारने की बजाय सड़क किनारे खड़े दिखे।लेकिन जैसे ही "राजकाज न्यूज़" की टीम 11 बजकर 15 मिनट पर भगत सिंह चौक व 11 बजकर 30 मिनट पर सब्जी मंडी पहुंची तो कैमरे को देखते ही सभी पुलिसकर्मी एक्टिव (Active) हो गए।लेकिन फिर भी वे रेहड़ियों व दुकानो पर लगी भीड़ को पूरी तरह से नही हटा पाए।ठीक 11:40 पर प्रशासन,पुलिस व नगरपरिषद के अधिकारियों ने बाजार में फ्लैगमार्च निकाला लेकिन इस मार्च का भी कोई खास असर नही दिखा।जब हमने इस बारे में एसडीएम से पूछा तो उनका कहना था कि गाइडलाइन की अनुपालना हेतू दुकानदारों व बेवजह सड़को पर घूमने वालो को पाबंद व चलान काटे जा रहे है।
बता दे कि त्रि-स्तरीय जन अनुशासन लॉकडाउन में सरकार द्वारा छूट देते हुए 1 जून को मोडिफाइड अनलॉक गाइडलाइन जारी की थी।व स्थानीय स्तर पर कोरोना केसों की संख्या को देखते हुए क्या-क्या व किसको छूट देनी है।
ये सरकार ने स्थानीय प्रशासन पर छोड़ दिया था।हालांकि हनुमानगढ में कोरोना केसों की अधिकता को देखते हुए व्यपारियों में एक दिन पहले संशय की स्थिति बनी हुई थी,लेकिन व्यापारियों के बार-बार आग्रह व मांग पर जिला कलेक्टर ने स्थानीय व्यापारिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों के साथ गाइडलाइंस को पालना सुनिश्चित करने के शर्त के साथ सभी तरह की दुकानों को सुबह 6 से 11 बजे तक खोलने की छूट दी थी।लेकिन जिस तरह से दुकानो पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गई व बाजारों में भीड़ उमड़ी रही है व प्रशासन सख्ती की बजाय सिर्फ समझाइश में जुटा है।
हालांकि व्यपारियो ने प्रशासन को आश्वासन दिया था कि वे दुकानो पर पूरी तरह गाइडलाइंन कि पालना करेगे,लेकिन ऐसा नही हुआ।अगर जिले में यही स्थिति बनी रही तो कही न कही ये अनलॉक जिले पर भारी नही पड़ सकता है।





0 टिप्पणियाँ