बैठक के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए पुनिया ने कहा कि केन्द्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले छह माह से अधिक समय से किसानों का देशभर में आन्दोलन चल रहा है। आन्दोलन के दौरान करीब दो-ढाई माह कोरोना संकट का दौर रहा।अब किसान फिर लामबंद्ध होकर तीनों काले कानूनों को रद्द करवाने के लिए मजबूती से खड़ा हो रहा है। भादरा विधायक बलवान पूनिया ने कहा कि सरकारें किसानों के आन्दोलन को हल्के में लेने की भूल न करे। क्योंकि किसान सरकारों की चालों को बखूबी समझ चुका है।
वह समझ चुका है कि केन्द्र सरकार अडानी-अंबानी को देश लुटवाना चाहती है। इसी सिलसिले में अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से किसानों के इस आन्दोलन को मजबूत बनाने की रणनीति बनाई जा रही है। पेट्रो पदार्थों के दामों में लगातार बढ़ोतरी होने के सवाल के जवाब में विधायक ने सरकारों से मांग की कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी कर जनता को राहत दी जाए।
प्रेस वार्ता में जिला परिषद सदस्य मंगेज चौधरी भी मौजूद रहे।वही हनुमानगढ प्रवास के दौरान विधायक अपने पारिवारिक मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता जोधा सिंह के निवास स्थान पहुंचे जहां कार्यकर्ताओं की माजूदगी में विद्यायक के जन्मदिन पर उनका दुशाला उड़ाकर सम्मानित किया गया।
हनुमानगढ़ की भादरा तहसील के गांव बरवाली में दलित समाज के परिवार का मकान तोड़ने के प्रकरण को लेकर लग रहे आरोपों पर भादरा विधायक बलवान पूनिया का कहना है कि कुछ लोग उनकी छवि धूमिल करने के लिए गरीब वीरूराम के कंधे पर बंदूक रखकर चला रहे हैं।
क्योंकि जिस जगह वीरूराम बसा हुआ है वह पट्टा उसके नाम नहीं है। करीब एक साल पहले हुई पंचायत में भी कहा गया था कि वीरूराम गलत जगह बसा हुआ है। इससे खेत आने-जाने का रास्ता बंद है। वीरूराम को एक निशुल्क पट्टा मिला हुआ था जो दूसरी जगह का था। उस जगह को वीरूराम बेच चुका है। आज वीरूराम जहां बसा हुआ है वह हरिसिंह पूनिया नाम के व्यक्ति की जगह है।
वीरूराम का जो अतिक्रमण हटाया गया उससे खेतों के चालू रास्ते को रोक दिया था।वीरूराम कह रहा है कि पांच नम्बर किले में रास्ता है। कागजों में पांच नम्बर किले में रास्ता तो है लेकिन चालू रास्ता किला नम्बर 27 में था। किला नम्बर 27 के रास्ता पर 2017 में कोर्ट स्टे हुआ था जो कि आज तक जारी है। विधायक ने कहा कि कुछ लोग वीरूराम को गुमराह कर रहे हैं। वीरूराम के पास मौके पर कोई पट्टा नहीं है जहां पर वह काबिज है। उसका इन्दिरा आवास नहीं तोड़ा गया जो उसने शपथ पत्र पर लिया है।
बल्कि उसका दूसरा वह मकान तोड़ा गया है जिससे रास्ता रूका हुआ था। जिला परिषद सीईओ को भादरा विधायक की ओर से एपीओ करवाए जाने की चर्चाओं के सवाल के जवाब में विधायक बलवान पूनिया ने कहा कि किसी को कह देने से कोई एपीओ नहीं हो जाता।
उन्होंने कहा कि ब्लैक लिस्ट फर्म पूजा कंस्ट्रक्शन कंपनी को 4 करोड़ रुपए के फर्जी भुगतान के आदेश जारी करने से एपीओ हुए हैं। एपीओ होने के बाद भी रामनिवास जाट भुगतान करवाने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक ने कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। वहीं बरवाली प्रकरण में उनके पास तथ्य हैं, उन्हें किसी पर दबाव बनाने की जरूरत नहीं।
हनुमानगढ़ से विश्वाश कुमार की रिपोर्ट।



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