आदरणीय गहलोत साहब ,

सबसे पहले आपको जन्मदिन की अनंत शुभकामनायें।  ईश्वर आपको स्वस्थ्य और साकारात्मक जीवन का वरदान दे।  

पूरे प्रदेश की जनता की प्रार्थना है कि आप जल्द से जल्द कोरोना से मुक्त होकर प्रदेश को इस महामारी के दुष्चक्र से मुक्ति दिलाएं। आज घोषित उप चुनाव के नतीजों में आपकी पार्टी ने तीन में से दो सीटों पर जीत हासिल की है जिसके लिए आपको मुबारकबाद। 

अब मैं उस मुद्दे पर आता हूँ जिसके लिए आपको यह पत्र लिखना पड़ रहा है।  कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गाँधी पहले ही सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आह्वाहन कर चुके हैं कि पार्टी कार्यकर्त्ता राजनीति को वक़्ती तौर पर छोड़ कर कोरोना सेवक की भूमिका निभाएं।  जो भी व्यक्ति आपके राजनीतिक जीवन को ज़रा सा भी जानता है वो यह समझ सकता है कि राहुल गाँधी की यह बात आपके दिल के कितना करीब है। आप तो स्वयं ऐसे ही कार्यक्रमों से निकल कर राजनीती में आगे बढ़ें हैं और शीर्ष तक पहुंचे।  

इस महामारी ने अब आपके समक्ष यह अवसर प्रस्तुत किया है कि आप अपनी पार्टी को सही मायनों में जन जन से जुडी पार्टी बना दें और यह राहुल गाँधी की बात को अमली जामा पहना कर आप कर सकते हैं। अब उप चुनाव समाप्तहो चुके हैं।  आपको राजनीतिक नियुक्तियां करनी हैं। क्यों ना उससे पहले आप सभी कांग्रेस जनों को यह टास्क दे दें कि वे मैदान में उतरें और कोरोना से त्रस्त प्रदेश की जनता को जिस भी तरीके से सहूलियत या सुविधा उपलब्ध करवा सकते हों, करवाएं।  सभी कांग्रेस विधायकों को इन कार्यकर्ताओं की सिफारिशें ऊपर तक पहुंचाने के कार्य में लगा दीजिये।  बस जुड़ गई कड़ी से कड़ी।  आप जिला स्तर पर डॉक्टरों का एक पैनल बनाकर सीधे इन कार्यकर्ताओं से जोड़ दीजिये जो रोजाना टेली मेडिसिन और कॉउंसलिंग जैसे कार्य कर अस्पतालों में उमड़ रही भीड़ को कुछ हद तक नियंत्रित कर सके। आपकी पार्टी के कार्यकर्ताओं का यह नेटवर्क आपको जिला स्तर हो रही अनियमिताओं और कमियों का भी ब्यौरा उपलब्ध करा देगा। 

आपने पिछले लॉक डाउन से लेकर अभी तक कई बार बे घर बार लोगों की सुध ली है और शायद आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार ऐसे लोगों तक औपचारिक सरकारी मदद भी आपके पहुंचाए ही पहुंची।  कल्पना कीजिये जब कांग्रेस का कार्यकर्त्ता पार्टी से ऊपर उठकर पीड़ित मानवता के सेवार्थ इन बे घर बार लोगों की सेवा में पहुंचेगा तो जिस पंक्ति के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की गांधीवादी सोच आप रखतें हैं, उसकी सच्ची सेवा हो पायेगी।  

और सबसे बड़ी बात जिस पार्टी के लिए आपका दिल सुबह से शाम तक धड़कता है, उस पार्टी के कार्यकर्ताओं को सेवा के ऐसे संस्कार आप ही की छत्र छाया में मिल सकतें हैं।  बाकी का हाल तो आप सबसे ज्यादा जानते हो।  

मेरा चूँकि किसी पार्टी से कोई लेना देना नहीं है लेकिन फिर भी में कांग्रेस पार्टी ले लिए इतने सुझाव सिर्फ इसीलिए दे रहा हूँ कि सत्ता में बैठी पार्टी का कार्यकर्त्ता अगर सेवा में झुक जाए तो वो पुराना सहिंष्णु भारत वापस जीवंत हो सकता है जिसकी आप अक्सर चर्चा करते हैं।  यानि राहुल गाँधी की बात मानने में प्रदेश का, पीड़ित मानवता का, कांग्रेस पार्टी का और सबसे बड़ा प्रदेश की राजनीति का भला हो सकता है।  

प्रदेश की जनता जानती है अगर यह होना है तो आपके रहते होना है, जननायक के हाथों होना है अन्यथा दंभ, कुटिलता, नृशसंता और रुपयों का खेल तो सभी देख ही रहें हैं।  

आपके नेतृत्व में प्रदेश का सदैव मंगल चाहने वाला

एक अदना नागरिक।