ब्यूरो रिपोर्ट!
अप्रैल महीने की 17 तारीख से शुरू हुआ जन अनुशासन पखवाड़ा जनता की लापरवाही को करारा सबक दे गया। तमाम उपाय अपनाने के बावजूद कोरोना रूपी राक्षस ने जिस प्रकार अपना विकराल रूप दिखाया, उसे देखकर देशभर में त्राहि-त्राहि मच गई। राजस्थान की बात करें तो बीते 15 दिन इस लिहाज से प्रदेश के लिए भी बहुत भारी साबित हुए हैं। हर गांव, हर शहर हर गली- मोहल्ले में इस महामारी का तांडव नजर आया है। देखते ही देखते कोरोना वायरस ना जाने कितने परिवारों पर काल बनकर टूटा है? प्रदेश की बात करें तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पिछले कई दिनों से इस महामारी की दिशा में गंभीर होने और समय अनुसार निर्णय लेने के बावजूद राज्य सरकार इस महामारी पर लगाम कसने में अब तक लाचार साबित होती दिखाई दे रही है। अब मुख्यमंत्री गहलोत ने इस बीमारी की भयानक स्थिति को देखते हुए 3 मई से 17 मई तक रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़ा घोषित किया है। इसमें पहले से भी ज्यादा सख्त कायदे कानून लागू किए गए हैं। फिलहाल वर्तमान में हालात सिर्फ और सिर्फ बेकाबू होते नजर आ रहे हैं। ये बात आंकड़े बताते हैं और रोजाना बताते हैं। रविवार के दिन भी इन्होंने यही बताया कि हालात वास्तव में खतरनाक है। प्रदेश में रविवार के दिन भी कोरोना का तांडव जारी रहा। इस दिन 24 घंटे के दौरान कुल 159 मौत दर्ज की गई। इनमें सबसे ज्यादा जयपुर में 34, जोधपुर में 32, सीकर और उदयपुर में 12--12, पाली में 9, अलवर और बीकानेर में 8--8, झालावाड़ में 6, कोटा में 6 और अजमेर, बाड़मेर और झुंझुनू में 5--5 लोगों ने इस बीमारी के चलते दम तोड़ दिया। प्रदेश में एक दिन के दौरान कुल पॉजिटिव केस मिलने का रेकार्ड भी लगातार कायम रहा। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 18298 पॉजिटिव केस दर्ज किए गए। इसके साथ ही प्रदेश में अब तक कुल एक्टिव केस की संख्या एक लाख 90 हजार के करीब यानी एक लाख 89 हजार 178 दर्ज की गयी। सबसे ज्यादा पॉजिटिव केस राजधानी जयपुर में। 4456 पाए गए जो कि वास्तव में एक चिंता का विषय है। जोधपुर में 2212। उदयपुर में 1212, पाली में 712। अलवर में 823। चित्तौड़गढ़ में 655 कोटा में 601। सीकर में 555। और सीमावर्ती गंगानगर जिला। आज भी 500 के पार! 532। पॉजिटिव केस पाए गए। आपको बता दें कि अब राजस्थान प्रदेश में एक भी ऐसा जिला नहीं है जहां इस महामारी के कदम नहीं पड़े हो। हर जिले में, हर तहसील और गांव तक यह वायरस पहुंच गया है अतः हमें! बहुत ही सावधान सतर्क रहने की जरूरत है। यदि हम रहेंगे। तो संसार रहेगा। इसी सोच को आगे बढ़ाने की जरूरत है।


0 टिप्पणियाँ