प्रधान संपादक प्रवीण दत्ता की कलम से। 

जहाँ अधिकांश राजनीतिज्ञों की बात ख़त्म होती है, अशोक गहलोत अपनी बात वहां से शुरू करते हैं।  बीते दिनों वरिष्ठ कांग्रेस विधायक हेमाराम चौधरी के स्तीफे के बाद विधायकी की पहली पारी खेल रहे एवजी खिलाडियों ने भी एक बार फिर बासी कढ़ी उबालने के लिए आग जलाने का प्रयास किया।  आग तो खैर नहीं जल पाई पर हाँ धुआं जरूर हो गया। अब धुंए के इन बादलों को एक ही फूंक से उदय है खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने।     

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट ग्रुप के विधायक इंद्राज गुर्जर के विधानसभा क्षेत्र में 30 करोड़ की सड़क का आज वर्चुअल शिलान्यास करके एक तीर से कई निशाने साध दिए है। पायलट ग्रुप के विधायक हेमाराम चौधरी व वेद सोलंकी द्वारा हाल ही सरकार के खिलाफ उठाई गई आवाज पर सीएम ने अब तक चुप्पी साध रखी थी, लेकिन आज पायलट ग्रुप के ही विधायक के क्षेत्र में विकास की सौगात देकर सीएम गहलोत ने बड़ा राजनीतिक संदेश दे दिया है। खास बात यह है कि इस कार्यक्रम में पायलट ग्रुप के विधायक इंद्राज ने भी सीएम गहलोत की खुलकर तारीफ की। मौका था कोरोना संकट के बीच आज 30 करोड़ रुपये की लागत से विराटनगर से चिलपली मोड सड़क के सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ाईकरण के कार्य का वर्चुअल शिलान्यास का। कोरोना को दूसरी लहर से जूझते प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपने कीमती समय में से इस कार्यक्रम के लिए वक़्त निकला जिसमें सिर्फ दो और विधायक शामिल थे।  जब गहलोत साहब ने खुद ने वर्चुअल शिलान्यास किया तो कोई ना कोई बड़ा सन्देश होना जरुरी था।  तो जनाब यह शिलान्यास हुआ सचिन पायलट गुट के विधायक इंद्राज गुर्जर के विधानसभा क्षेत्र में।  कार्यक्रम में इंद्राज गुर्जर ने सीएम की शान में जो कसीदे पढ़े उसने कम से कम वेद प्रकाश सोलंकी के दावों की तो हवा निकाल ही दी। कार्यक्रम में जमवारामगढ़ के विधायक गोपाल मीणा भी जुड़े थे। उन्होंने भी गहलोत की तारीफ की। 


वर्चुअल  कार्यक्रम में बोलते हुए हुए सीएम गहलोत ने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में राजस्व के संसाधन सीमित होने के बाद भी राज्य सरकार ने प्रदेश में विकास कार्यों में कोई कमी नहीं रखी है। विधायकों द्वारा अपने क्षेत्र में विकास से जुड़े प्रस्तावों को बजट में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजें तो उन कार्यों को पूरा करने में राज्य सरकार पीछे नहीं हटेगी। सीएम ने कहा कि इंद्राज ने अपने क्षेत्र के विकास को लेकर रुचि दिखाई। अगर कोई अपने क्षेत्र में रुचि लेता है, तो उसके विकास के काम हो जाते है। सरकार चाहे किसी पार्टी की हो, यदि विधायक एक्टिव हो तो काम करने ही पड़ते है। याद कीजिये हेमाराम चौधरी व वेद सोलंकी का आरोप था कि उनके काम नहीं हो रहे। गहलोत ने अपनी बात यही नहीं रोकी और कहा कि इंद्राज ने अपने क्षेत्र के विकास का सपना देखा है और मैं उम्मीद करता हूं कि उनका सपना पूरा हो।

गर्म सियासी माहौल में असल ठंडाई होती खुद इद्राज गुर्जर ने। विराटनगर विधायक इन्द्राज गुर्जर ने कहा कि वर्तमान सरकार के तीन बजट में विराटनगर विधानसभा क्षेत्र को विकास की कई सौगातें मिली हैं, जिनमें 125 करोड़ के सड़क विकास के कार्य शामिल हैं। वर्ष 2021-22 के बजट में 40 करोड़ सड़कों के लिए मिले हैं। उन्होंने क्षेत्र में पहले बजट में सरकारी कॉलेज देने तथा अभी पावटा को उपखंड बनाने सहित पीएचसी एवं थाने जैसी घोषणाओं के लिए क्षेत्र की जनता की ओर से मुख्यमंत्री को साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि 30 करोड़ की लागत की सड़क विराटनगर के लिए एक शानदार तोहफा है। इससे अलवर से जयपुर आने वाले वाहनों के लिए भी आवागमन में आसानी हो जाएगी। जमवारामढ़ विधायक गोपाल मीणा ने भी उनके क्षेत्र को दी गई विकास की सौगातों के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। दोनों विधायकों ने खुले मन से मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में शानदार कोरोना प्रबंधन की प्रशंसा की।

 बहरहाल सीएम गहलोत ने जिस 30 करोड़ की सड़क का शिलान्यास किया है उसका असल गंतव्य सियासी पंडित समझ रहें हैं।  अब प्रश्न यह है कि क्या कुछ बड़बोलों और जल्दबाजों की राजनीतिक बैलगाड़ी इस सड़क पर लाने की अनुमति भी होगी या नहीं। 

इधर गरमाती प्रदेश की जाट राजनीति के बीच विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीपी जोशी ने हेमाराम चौधरी को जयपुर बुलाया है । अब गेंद स्पीकर सीपी जोशी के पाले में है । स्पीकर को ही लेना हेमाराम के इस्तीफे पर निर्णय। स्पीकर ने पत्र भेजकर उन्हें लॉकडाउन  समाप्त  होने के  पश्चात  सात दिवस  की  समय अवधि में पेश होने के लिए कहा है। शायद यही तरीका हो ठंडाई में खस-खस की लज्जत और तासीर बढ़ाने का।