जोधपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
सोमवार को जब केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत जोधपुर के दौरे पर थे तो उन्हौने एक प्रकांड पंडित की तरह एक टोटका बता दिया। दरअसल जब मंत्री जी MDM अस्पताल पहुंचे तो एक मरीज की दो महिला परिजनों ने बड़ी उम्मीद के साथ मंत्री जी से मदद मांगी। इस पर शेखावत ने उन्हें सांत्वना देते हुए कहा, 'डॉक्टर अपना काम कर रहे हैं, आप बालाजी महाराज को नारियल चढ़ा देना, भगवान सब ठीक कर देंगे।' इतना कहकर शेखावत आगे बढ़ गए। शेखावत का मानना है कि डॉक्टरों के इलाज के साथ ही भगवान में आस्था रखने में कुछ भी गलत नहीं हैशेखावत ने बाद में कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजन को ढाढस बंधाना किसी भी तरह से गलत नहीं है। एक परेशान मां को दवा और दुआ दोनों पर भरोसा दिलाना मेरे कर्तव्य के दायरे में आता है और वही मैंने निभाया। मैं अस्पतालों की व्यवस्था जांचने ही गया था और सब देखने के बाद ही कहा कि डॉक्टर अपना काम कर रहे हैं। शेखावत ने कहा कि उन्हें वहां दिन-रात ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों द्वारा किए जा रहे इलाज पर कोई संदेह नहीं है। निश्चित रूप से वे अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभा रहे हैं। लेकिन मरीज और उसके परिवार वालों को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखना भी जरूरी होता है, इसीलिए मैंने जो कहा सामाजिक व्यवहार में वह बहुत सामान्य बात है।
तो तह बात तो थी केंद्रीय जल शक्ति मंत्री के आस्था के बारे में विचारों की लेकिन पूरे जोधपुर में शेखावत द्वारा घोषित 50 लाख की सहायता भी खस्सी चर्चा में रही। कुछ का कहना था कि जो कद मंत्री जी का केंद्र सरकार में है उसके हिसाब से तो उन्हें 500 बिस्तर का एक अस्पताल के घोषणा करनी चाहिए थी। हालंकि जोधपुर वाले थोड़े मायूस जरूर हैं हैं क्योंकि केंद्र में एक ही मंत्री है जिसके विभाग में ही शक्ति शब्द है और अगर वि शक्ति भी 50 लाख की ही हो तो फिर तो कोई भी सांसद यही कर देता।


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