श्रीगंगानगर से राकेश मितवा की खबर
श्रीगंगानगर की गंगनहर में 20 दिनों की नहर बंदी के बाद आज हरिके बैराज से छोड़ा गया पानी बीकानेर कैनाल के जरिए श्रीगंगानगर में गंगनहर के खखा और शिवपुर हैड से प्रवेश कर गया। खखा हैड पर इस मौके पर किसानों का उत्साह देखते हुए ही बनता था ।
गौरतलब है कि हर साल नहर के रखरखाव के लिए सिंचाई विभाग नहर बंदी लेता है जो 15 से लगभग 1 महीने के बीच में होती है। इस बार भी 5 से 25 अप्रैल तक नहर बंदी ली गई थी । नहरबंदी के 20 दिनों में अनेक प्रकार के मरम्मत के कार्य के साथ-साथ बीकानेर केनाल यानी कि पंजाब क्षेत्र में जो नहर है उसके बेड के मरम्मतीकरण के साथ-साथ नहर के वाल्वों को ठीक करने और कालूवाला शिवपुर और खखा हैड की भी मरम्मत करने का कार्य होना था, मगर सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह कार्य बिल्कुल भी नहीं हो।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा नहर बंदी के अंतिम 5 दिनों में नहर की सफाई का थोड़ा बहुत नाटक किया गया । 2 जेसीबी के जरिए नहर में भारी मात्रा में मिट्टी झाड़ झंकार पेड़-पौधों आदि को हटाया गया मगर नहर की पूरी तरह से साफ सफाई नहीं की गई। किसानों में इसे लेकर काफी आक्रोश रहा ,क्योंकि अब नहर में पानी प्रवाहित कर दिया गया है इसलिए अब नहर की साफ सफाई एवं अन्य सारे कार्य अगले साल के लिए टल गए हैं ।यानी इस बार भी नहर बंदी लगभग बेकार ही रही।




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