ब्यूरो रिपोर्ट।।।
जयपुर। पर्यटन इंडस्ट्री एक बार फिर कोरोना की वजह से परेशानी में आती दिखाई दे रही है। इसके चलते महज एक महीने में ही प्रदेश में पर्यटकों की संख्या लगभग एक लाख से भी कम हो गई है। फरवरी में करीब 4 लाख 16000 से ज्यादा पर्यटक आए थे । वही मार्च में पर्यटकों की संख्या लगभग 3 लाख 12 हजार के स्तर पर ही रह गई। आपको बता दें कि प्रदेश में 18 मार्च 2020 को सभी पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया गया था। साढ़े नौ लाख से ज्यादा लोग बेरोजगार हो गए थे। जब पर्यटकों की संख्या 1 महीने में चार लाख से ज्यादा पहुंची तभी कोरोना अपनी बरसी यानी मार्च 2021 में एक बार फिर ख़ौफ़ बनकर खड़ा हो गया है। 1 महीने में ही घरेलू पर्यटकों की 10,000 से ज्यादा बुकिंग रद्द हुई और एक लाख से ज्यादा पर्यटकों की आवक में गिरावट आई। मार्च में पर्यटकों की संख्या करीब तीन लाख 12000 रही। इनमें से भी अकेले जयपुर में दो लाख 73 हजार से ज्यादा पर्यटक आए। मेले उत्सवों के आयोजन पर भी संकट खड़ा हो गया है। वही पैलेस ऑन व्हील्स के भविष्य पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। हालात सामान्य नहीं हुए तो पूरे प्रदेश में नाइट कर्फ्यू लगने की आशंका बढ़ गई है। नाइट कर्फ्यू के चलते रेस्टो बार और होटल संचालकों को भारी नुकसान का अंदेशा है। पिछले वर्ष 18 मार्च को सभी पर्यटन स्थल जिनमें मॉन्यूमेंट, म्यूजियम, नेशनल पार्क, बायोलॉजिकल पार्क, सफारी सभी को बंद कर दिया गया था। यही नहीं टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े स्टेक होल्डर जिनमें होटल, हाथी गांव, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट्स सहित कई पर्यटन से जुड़े स्थलों को भी बंद कर दिया गया था। इससे पर्यटन उद्योग को अरबों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। आपको बता दें कि पिछले 6 महीने से लगातार पर्यटक संख्या बढ़ने से होटल रेस्टोरेंट इंडस्ट्री के चेहरे पर थोड़ी खुशी लौटी थी। पिछले दिनों राजस्थान पर्यटन को कोलकाता टीटीएफ मैप सेफ टूरिस्ट डेस्टिनेशन का भी अवार्ड मिल चुका है। इसमें खास बात यह थी कि राजधानी के स्मारकोंं का पर्यटकों में खासा क्रेज देखने को मिला। प्रदेश में आए कुल पर्यटकों में से 75 फ़ीसदी जयपुर और 25 प्रतिशत विशेष राजस्थान के स्मारकों पर पहुंचे। राज्य में पर्यटन उद्योग से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से 10 लाख से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं । वैक्सीन भी आ चुकी है लेकिन कोरोना का खौफ कम नहींं हो रहा। उम्मीद है कि जल्द ही हालात फिर सामान्य होंगे ।और पर्यटन उद्योग फिर खड़ा होगा।


0 टिप्पणियाँ