जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट। न्यायाधीश पंकज भंडारी की एकलपीठ ने दुष्कर्म के कारण गर्भवती हुई 17 वर्षीय पीडिता को अपना 24 सप्ताह का गर्भपात कराने की अनुमति देते हुए सीएमएचओ, कोटा को निर्देश दिए हैं कि वह तत्काल मेडिकल बोर्ड गठित कर पीडिता का परीक्षण करें। राजस्थान हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने कहा कि यदि संभव हो तो पीडिता के स्वास्थ्य और एडवांस स्टेज को देखते हुए तुरंत गर्भपात किया जाए। न्यायाधीश पंकज भंडारी ने गर्भपात के बाद भ्रूण को डीएनए जांच के लिए सुरक्षित रखने के भी आदेश दिए हैं।।

इस मामले में रेप पीडिता की ओर से अपने पिता के जरिए दायर याचिका में कहा गया था कि दुष्कर्म होने के कारण वह गर्भवती हो गई थी।  गर्भपात के लिए जिला विधिक सेवा समिति के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया गया था।  इस पर प्राधिकरण ने एक अधिवक्ता को नियुक्त कर हाईकोर्ट में याचिका पेश की। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि पीडिता की शारीरिक अवस्था और चिकित्सीय पेचीदगियों को ध्यान में रखते हुए तत्काल गर्भपात की अनुमति दी जाए।