विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्काल के दौरान विपक्ष के कड़े तेवरों के कारण राजस्व मंत्री दो सवालों में घिरते नजर आए। जबकि केवल प्रशासनिक कारणों से पटवारी भर्ती निरस्त करने के सवाल का मंत्री बीडी कल्ला भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिससे विपक्ष असंतुष्ट नजर आया। 

भाजपा विधायक प्रताप सिंह ने छीपाबड़ोद के टांची ग्राम में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण से जुड़ा सवाल पूछा, जवाब में राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने कहा कि 59 अतिक्रमियों ने अतिक्रमण कर रखा है, भू राजस्व अधिनियम के तहत कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। 

उन्होंने कहा कि अगर सवाल के जवाब में गलत जानकारी है तो अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही होगी। जांच के लिए विधायक जिस भी व्यक्ति के लिए कहेंगे उसकी अध्यक्षता में कमेटी बना दूंगा। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने पूछा कि कितने समय से अतिक्रमण है, यह जानकारी विभाग के ध्यान में है या नहीं है। जवाब में मंत्री ने कहा कि अतिक्रमण कब से है यह जानकारी में नहीं है। 

इसी तरह विधायक सुरेश मोदी ने नीमकाथाना में नियमन कमेटी के गठन से जुड़ा सवाल पूछा तो जवाब में राजस्व मंत्री हरीश चौधरी कमेटी गठन के नियमों की जानकारी देने लगे तो मोदी ने आपत्ति जाहिर की और स्पीकर से शिकायत करते हुए कहा, आप जैसे काबिल अध्यक्ष के होते हुए सवालों के किस तरह के जवाब दिए जा रहे। इस पर स्पीकर ने भी मंत्री को टोका। 

जवाब पर विधायक ने फिर आपत्ति जताते हुए कहा, मैंने स्पष्ट सवाल पूछा कि नीमकाथाना में नियमन कमेटी का गठन कब हुआ, लेकिन मंत्री चौधरी इस संबंध में स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। विधायक ने कहा, मंत्री इस सवाल का जवाब ढूंढ कर मुझे बता दें।कल्ला भी नहीं बता सके पटवारी भर्ती परीक्षा निरस्त क्यों की....?

भाजपा विधायक अनिता भदेल ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा रद्द परीक्षाओं से जुड़ा सवाल पूछा तो जवाब में मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि पटवारी भर्ती परीक्षा को प्रशासनिक कारणों से स्थगित किया गया है। कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा को प्रश्न पत्र लीक होने के चलते रद्द किया। विधायक भदेल ने पूछा कि कनिष्ठ अभियंता सिविल परीक्षा का पेपर लीक हुआ, उसकी वजह से पटवारी की परीक्षा को कैसे स्थगित कर दिया। 

कल्ला ने कहा कि भविष्य में पेपर लीक नहीं हो, प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए फैसला लिया गया। पहले ही इतनी बड़ी परीक्षा है, दो आदमी पकड़े भी गए हैं। आगे वही गैंग गड़बड़ ना करें इसलिए परीक्षा स्थगित की गई। पटवारी भर्ती परीक्षा में 13 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने पूछा कि अचानक परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला कैसे लिया गया। 

मंत्री कल्ला ने कहा कि प्रेस और ट्रांसपोर्टर दोनों परीक्षाओं का एक ही था, पूरी संभावना थी गड़बड़ होने की, इतनी बड़ी परीक्षा में पेपर लीक ना हो। इसके लिए प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए फैसला लिया।इस दौरान कई मौके आए जब स्पीकर डॉ सीपी जोशी को दखल देना पड़ा और मंत्रियों से कहना पड़ा कि सटीक जवाब दे। कुल मिलाकर इस मामले में बीडी कल्ला सदन को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।