प्रवीण दत्ता की कलम से


जयपुर। राजस्थान विधानसभा उप चुनावों में भाजपा बाजी मारते हुए अपने तीनों उम्मीदवार घोषित कर दिए। राजसमंद सीट किरण माहेश्वरी की बेटी दीप्ती माहेश्वरी , सहाड़ा से रतन लाल जाट और सुजानगढ़ से खेमाराम मेघवाल को टिकट दिए हैं। 


बीजेपी मे लोगों की रायशुमारी, नेताओं , कार्यकर्ताओं की राय के बाद तीनों नामों को जे पी नड्डा की हरी झंडी मिलने के बाद पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने ऐलान कर दिया। भाजपा राजसमंद में सहानुभूति लहर और सहाड़ा तथा सुजानगढ़ में जातिगत समीकरणों को लेकर चल रही है। यही हाल कांग्रेस का रहेगा जो कि सुजानगढ़ में सहानुभूति लहर लेकिन बाकी दोनो सीटों पर जातिगत समीकरण साधेगी।

अगर पूरा समीकरण समझें तो सहाड़ा विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने पूर्व मंत्री व पूर्व जिला प्रमुख रतन लाल जाट पर दांव खेला। पूर्व मंत्री डॉ रतन लाल जाट के पिता लाल जाट खुद प्रधान रह चुके। 25 दिसंबर 1950 को बद्रीलाल जाट की घर में जन्मे रतनलाल जाट B.A. LLB. डिग्री होल्डर हैं। सहाड़ा तहसील के उल्लई गांव में रहने वाले रतन लाल जाट का राजनीतिक सफर भी काफी  रोचक रहा। 1989 से 1993 तक विधायक रहे। 1991 से 1993 तक प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री भी । 1994 से लेकर 1998 तक जाट भीलवाड़ा के जिला प्रमुख रहे। 1998 से 2003 तक डॉक्टर जाट सहाड़ा से दूसरी बार विधायक रहे। वर्ष 2006 में उन्हें राजस्थान बीज निगम का अध्यक्ष बनाए गए । 2008 तक वह राजस्थान बीज निगम के अध्यक्ष रहे। इसके साथ ही डॉक्टर जाट भाजपा के संगठन में अहम पदों पर तो हैं ही। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वर्तमान में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य के साथ साथ अखिल मेवाड़ जाट महासभा के भी अध्यक्ष हैं ।

माहेश्वरी को छोड़ दें तो पार्टी के दोनों उम्मीदवार। अनुभवी! राजनेता है और! दो बार विधायक भी रह चुके हैं। सुजानगढ़ सीट से पार्टी के उम्मीदवार खेमाराम मेघवाल भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं ने जाने जाते हैं। 2003 में सुजानगढ़ से भी पहली बार विधायक बने थे। भाजपा सरकार में राज्य मंत्री भी रहे हैं। 2013 में दोबारा विधायक बने। और पिछले विधानसभा चुनाव में लगभग 38000 वोटों से चुनाव हार गए थे। इसके बावजूद पार्टी ने एक बार फिर उन पर विश्वास किया है। सहाड़ा सीट की बात करें तो? पार्टी के उम्मीदवार रतन लाल जाट की उम्र 73 वर्ष है। इसके बावजूद पार्टी ने सर्वे में मिली रिपोर्ट के आधार पर उन्हीं का नाम चुना है। रतन लाल जाट सहाड़ा से ही 2 बार विधायक रह चुके हैं। 1991 से लेकर 93 तक वह प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री भी रहे हैं। वर्तमान में भाजपा के प्रदेश कार्य समिति के सदस्य भी हैं। राजसमंद की बात करें तो बाहरी उम्मीदवार की छाप होने के बावजूद पार्टी ने सारे विरोध को दरकिनार करते हुए दीप्ति माहेश्वरी के नाम पर ही मोहर लगाई है।