धौलपुर. शहर का एकमात्र इंदिरा गांधी स्टेडियम में खेलने वाले खिलाड़ी एवं घूमने वाले लोगों ने नगर परिषद का विरोध करते हुए रोष जताया है.. इंदिरा गांधी स्टेडियम में सुबह से लेकर शाम तक खिलाड़ी प्रैक्टिस करने के लिए आते हैं खिलाड़ियों के साथ-साथ सुबह घूमने वाले वृद्ध,महिला और बच्चे भी इस स्टेडियम का लाभ उठाना चाहते हैं.सुबह के पहर महिला बच्चे,बुजुर्ग एवं युवा इंदिरा गांधी स्टेडियम में आपको योगासन करते दिखाई देंगे,लेकिन स्टेडियम की दुर्दशा की तरफ किसी का ध्यान नहीं हैं.

स्टेडियम में कचरा भरा पड़ा रहता है इसके साथ ही खाली शराब की बोतल,पानी पाउच और डिस्पोजल पड़े हैं। खेल मैदान में कांच की बोतल पड़े होने से खतरा बना रहता है। कई बार खिलाड़ियों के पैरों में कांच भी लगे हैं। स्टेडियम की देखभाल ना होने की वजह से पूरा स्टेडियम उजड़ रहा है। मौजूद वक्त में स्टेडियम में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। पिछले लंबे समय से स्टेडियम दुर्दशा का शिकार हो रहा है। 

लेकिन सिस्टम के जिम्मेदार बेखबर बने हुए हैं। कहने को तो नगर परिषद इस खेल मैदान पर अपना हक जता रहा है। लेकिन साफ सफाई के लिए नगर परिषद ने जिम्मेदारी नहीं ली और ना ही कोई सफाई कर्मचारी इस स्टेडियम पर नियुक्त किया है.जिससे रोजाना स्टेडियम की साफ-सफाई हो सके। शहर में होने वाले कार्यक्रमों में इस स्टेडियम को यूज किया जाता है और साफ सफाई की जाती है उसके बाद कभी इस ग्राउंड की तरफ मुड़ कर नहीं देखा जाता है।खेल प्रेमी प्रतीक यादव का कहना है कि हम रोज यहां प्रैक्टिस करने के लिए और मॉर्निंग वॉक करने के लिए आते हैं। 

लेकिन पूरे ग्राउंड में गंदगी पड़ी रहती है और शराब की खाली बोतलें पानी पाउच और गिलास पड़े रहते हैं.जिनसे काफी परेशानी का सामना उठाना पड़ रहा है और ग्राउंड के अंदर बनी बिल्डिंग में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। टॉयलेट टूटे-फूटे पड़े हैं जहां से दुर्गंध आती है।स्थानीय नागरिक संजय जैन ने बताया है कि करीब 3 साल से यहां नियमित घूमने आता हूं। लेकिन हमने इस ग्राउंड को कभी रोजाना साफ-सफाई होते नहीं देखा है। अगर सफाई की व्यवस्था दुरुस्त होगी तो स्वास्थ्य पर भी इसका अच्छा असर पड़ेगा। इंदिरा गांधी स्टेडियम पिछले लंबे समय से दुर्दशा का शिकार है।

धौलपुर से मुनेश धाकरे की रिपोर्ट,