चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट,
चित्तौड़गढ़ जिले में कोरोना केस बढ़ने के कारण प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। इसी को लेकर जिला कलेक्टर केके शर्मा और पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव सहित प्रशासन के आला अधिकारी कोरोना की गाइडलाइन की पालना करवाने के लिए बाजारों में उतरे जहां पर उन्होंने व्यवसायियों और आमजन से मास्क लगाने की बात कही वहीं बिना मास्क दुकानदारों के चालान भी बनवाए।
चित्तौड़गढ़ जिले में कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद रोजाना कोरोना संक्रमितो के केस मे बढ़ोतरी हो रही है। इसी के चलते बुधवार शाम जिला प्रशासन के आला अधिकारी जिसमें प्रमुख रुप से जिला कलेक्टर केके शर्मा, पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव, अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रशासन रतन कुमार स्वामी,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिम्मत सिंह देवल,उपखंड अधिकारी श्यामसुंदर विश्नोई, पुलिस उपाधीक्षक मनीष शर्मा, शहर कोतवाल तुलसीराम प्रजापति सहित कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी को कोरोना गाइडलाइन की पालना करवाने के लिए बाजार में समझाइश लिए उतरना पड़ा।
जिला कलेक्टर सहित सभी अधिकारी गोल प्याऊ चौराहा,से नेहरू बाजार, राणा सांगा बाजार,चंद्रलोक टॉकीज होते हुए फिर से गोल प्याऊ चौराहे पहुंचे इस बीच उन्होंने कई बिना मास्क बैठे। दुकानदारों के चालान कटवाए वही फुटपाथ पर अपना व्यवसाय कर रहे गरीब तबके के लोगों को हाथों-हाथ मास्क उपलब्ध कराकर मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया। वहीं कुछ दोपहिया और चार पहिया वाहन धारियों के भी मौके पर चालान कटवाए।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर के के शर्मा ने कहा कि एक बार फिर से कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है। इसको लेकर हर व्यक्ति को सचेत रहने की आवश्यकता है और इसके लिए जिला प्रशासन अब किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतेगा और बिना मास्क लोगो के मौके पर ही चालान बनाए जाएंगे। वहीं जिला पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने कहा कि अब समझाइश का दौर समाप्त हो चुका है और अब प्रशासन एक्शन लेने के मूड में है उन्होंने बताया कि 25 मार्च से जिले की सीमा से प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की आरटी पीसीआर जांच रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गई है किसके लिए निंबाहेड़ा रावतभाटा बेगू सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है।




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