जयपुर। राजधानी के चौड़ा रास्ता क्षेत्र में पासबुक में आतंक से जुड़े सवाल के जवाब पर विरोध को लेकर बुधवार को समुदाय विशेष से जुड़े कुछ लोगों ने प्रकाशक के कार्यालय पर तोड़फोड़ की थी। तोड़फोड़ करने वालों ने कक्षा 12वीं की एक पासबुक में आतंकवाद के सवाल के जवाब में धार्मिक कटाक्ष बताते हुए विरोध जताया।
हम आपको बताना चाह रहे हैं कि प्रकाशन सही है या गलत लेकिन कानून हाथ में लेना किसी के लिए ठीक नहीं है । और फिर इस तरह की दहशत फैलाना जहां बच्चे किताबें लेने के लिए जाते हो,उस जगह इस तरह का आतंक फैलाकर ये नौजवान क्या संदेश देना चाहते हैं? उस किताब में यदि आतंकी लिखा है तो भी आतंक का ही संदेश दे रहे हैं ।
पढ़ने -लिखने का जो बाजार है वहां मान लो किसी से कोई गलती हो भी गई होगी तो उसका पढ़े- लिखे लोगों की तरह ही इलाज होना चाहिए । अनपढ़ों की तरह नहीं। इस तरह की प्रतिक्रिया देकर ऐसी हरकत के लिए अनपढ़ की मुहर लगा रहे हैं। राजकाज इस बात पर नहीं पड़ रहा है कि मुद्दा हिंदू या मुस्लिम का है। हम तो यह कह रहे हैं कि ये लड़ाई पढ़े लिखे और अनपढ़ की हो रही है।
जयपुर से सीमा शर्मा की खबर


0 टिप्पणियाँ