1 जनवरी 2021 के बाद 26 बार बढ़ चुके पेट्रोल डीजल के दाम अब पिछले 9 दिन से लगभग स्थिर हो गए हैं। दिन ब दिन तेल और गैस की कीमतों में इजाफा करती आ रही तेल कंपनियों ने अचानक अपना रुख बदल लिया है। जैसे भागता दौड़ता धावक पेड़ के नीचे सांस लेने बैठ जाए।
कुछ ऐसी ही स्थिति तेल कंपनियों की भी दिखाई दे रही है। अचानक कीमतों में उछाल रुकने का कारण पर्दे के पीछे पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव बताए जा रहे हैं। अब चाहे केंद्र और राज्य सरकार इस पहलू को माने या ना माने देश की जनता इस खेल को बखूबी समझ गई है।
आपको बता दें कि कोरोना काल के दौरान नए साल में पेट्रोल अब तक ₹8 और डीजल लगभग ₹8 30 पैसे प्रति लीटर छलांग लगा चुका है। इसमें भी अहम बात यह है कि पेट्रोल डीजल की कीमत में एक्साइज ड्यूटी। डीलर कमीशन और अन्य कर को जोड़ने के बाद इसकी कीमत वास्तविक मूल्य से भी लगभग दोगुनी से ज्यादा हो जाती है।


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