जब देने वाला ही कुछ लेने का इंतजार करें तो यह स्थिति बड़ी अजीबो-गरीब सी दिखाई देती है। जी हां! यह हालात आपको भी कुछ अजीब लगे लेकिन हाल ही में भाजपा की ओर से विधानसभा में नियुक्त किए गए मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग के साथ कुछ ऐसा ही हो रहा है। उनको अभी तक विधानसभा में अपने बैठने के लिए जगह का चयन करना मुश्किल भरा निर्णय दिखाई दे रहा है।
परंपरा के अनुसार पार्टी के मुख्य सचेतक को सबसे अग्रिम पंक्ति में बैठना होता है। लेकिन बात करें अग्रिम पंक्ति की तो यहां पर पहले से ही प्रदेश भाजपा के धुरंधर नेताओं का कब्जा है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया, राजेंद्र सिंह राठौड़ और कैलाश मेघवाल भी अग्रिम पंक्ति में बैठते हैं। ऐसे में जोगेश्वर गर्ग के लिए यह मुश्किल हो गई है कि वह इन कद्दावर नेताओं में से किस को पीछे भेजें यानी कि अपने पीछे बिठाएं ।
आपको बता दें कि विधानसभा के नियम कायदों और परंपरा के अनुसार पार्टी के मुख्य सचेतक के पास यह अधिकार होता है कि वह अपने दल के सदस्यों को विधानसभा में कहां बैठाएं? अब पशोपेश की स्थिति यह बन गई है कि वह इनमें से किस को पीछे भेजें। अब इस मामले में जोगेश्वर गर्ग क्या निर्णय लेते हैं। यह देखना अपने आप में एक रोचक वाकया साबित होगा।
जयपुर से केशव शर्मा का खबर


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