हमारे 500 रुपये में सिलेंडर देने से देश की सभी सरकारें परेशान - गहलोत

जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।  

सीएम अशोक गहलोत ने कहा है हमारी 500 रुपए में गैस सिलेंडर देने की योजना से हर राज्य की सरकार और केंद्र तंग है। उन्हें लगता है कि अपने यहां सस्ता गैस सिलेंडर देना पड़ेगा। गहलोत मंगलवार को जयपुर जिले के कालाडेरा में महंगाई राहत कैंप में लोगों को संबोधित कर रहे थे।

गहलोत ने बुजुर्ग पेंशन योजनाओं की अहमियत को भावनात्मक उदाहरण देकर समझाते हुए कहा कि पेंशन मिलने पर बुजुर्गों को अब बेटी, दोहिते-दोहिती को देने के लिए बहुओं के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ता।

गहलोत ने कहा- यहां पर बुजुर्ग और महिलाएं बैठी हैं। घर पर बहन बेटी आ जाती है। उसे 50-100 रुपए देने होते हैं। हमने बुजुर्गों को कम से कम 1000 रुपए पेंशन दी है। इस पेंशन की अहमियत आप जानते होंगे।

ससुराल से आपकी बेटी आ गई। दोहिते-दोहिती आ गईं। उन्हें कुछ देने का मन होता है। पेंशन आने पर आप आसानी से दे सकते हैं। जब पेंशन नहीं हो तो कई बार बहुओं से पैसा मांगना पड़ता है। बहू मना कर देती है।

गहलोत ने राजस्थानी में कहा- 'बहुएं कह देती हैं की म्हार कन तो पिसा कोनी।' जब बहुएं मना कर देती हैं। बुजुर्ग का मन खराब हो जाता है। वह खाना तक नहीं खाते। उनका मूड खराब हो जाता है कि ब​हू ने मना कर दिया। अब जब 1000 रुपए पेंशन आ रही है। आप चुपचाप दोहिते-दोहिती को मुट्ठी बंद करके पैसा हाथ में पकड़ा देते हैं।

पेंशन मिलने से बुजुर्गों की सेवा अच्छी होती है
गहलोत ने कहा- पेंशन मिलती है तो बहू भी सास-ससुर का सम्मान करती है। पोते-पोती अपने दादा-दादी के आगे पीछे घूमते हैं। उन्हें लगता है कि सेवा करेंगे। उन्हें इनाम मिलेगा।

पेंशन मिलने वाले बुजुर्गों की सेवा अच्छी होती है। घर के बच्चे आगे बढ़-बढ़कर सेवा करते हैं। पेंशन के कई लाभ हैं। अब हम सालाना 12000 करोड़ रुपए पेंशन पर खर्च कर रहे हैं। पहले 9000 करोड़ रुपए खर्च होते थे। अब पेंशन बढ़ाने के बाद बजट बढ़ गया है।

आज अंग्रेजी के बिना काम नहीं चल सकता

गहलोत ने कहा- गांव के लोग भी अब इंग्लिश का महत्व समझ गए हैं। मैं बचपन में अंग्रेजी के खिलाफ था। अब मैं भी महसूस करता हूं कि आज अंग्रेजी के बिना काम नहीं चल सकता।

गोविंद सिंह डोटासरा के शिक्षा मंत्री रहते हुए हमने अंग्रेजी स्कूल खेले। अंग्रेजी स्कूलों का फायदा अब गांव-गांव में मिलेगा और ग्रामीण बच्चे भी अब फर्राटे से अंग्रेजी में बात कर सकेंगे।

अमीर की तरह गरीब बच्चे भी कोचिंग कर सकेंगे

सीएम ने कहा- सरकार हर साल 500 बच्चों को विदेश पढ़ने के लिए भेज रही हैं। उसका पूरा खर्च सरकार देगी। लड़कियों को हमने पोस्ट ग्रेजुएशन तक फ्री पढ़ने की योजना चलाई है। कोचिंग करना हो तो भी फ्री है। जिस तरह पैसे वाले कोचिंग करते हैं तो गरीब बच्चा क्यों नहीं कोचिंग कर सकता। सरकार 30,000 बच्चों को हर साल कोचिंग करवा रही है।

आपका पैसा आपके लिए, यह हमारी योजनाओं की थीम

गहलोत ने कहा- सरकार के पास पैसा आपके टैक्स से आता है। आपका पैसा आपके लिए है, यह हमारी योजनाओं की थीम है। हमारी योजनाएं शानदार हैं।

आजादी के बाद से लेकर पिछले 75 साल में 250 कॉलेज खुले। जबकि हमारे चार साल के कार्यकाल में ही हमने 303 कॉलेज खोल दिए हैं। मैंने घोषणा कर रखी है जिस स्कूल में 500 छात्राएं होंगी वहां हम कॉलेज खोल देंगे।

हमारी योजनाओं की देश भर में चर्चा
गहलोत ने कहा- हमारी योजनाएं बहुत पॉपुलर हो रही हैं। हमारी योजनाओं की पूरे देश में चर्चा चल रही है। हम 500 रुपए में सिलेंडर दे रहे हैं। हर राज्य सरकार और केंद्र तंग आ गई है कि हमें भी यह देना पड़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी को मैंने कहा है आप भी 500 रुपए में गैस सिलेंडर दीजिए।

केंद्र सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना में केवल सोशियो इकनॉमिक सर्वे वाले चुनिंदा लोगों को ही फायदा मिलता है। मैंने पीएम से मांग की है। हमारी चिरंजीवी योजना की तरह देश भर में 25 लाख का बीमा दीजिए। गहलोत ने कहा- वक्त आ गया है अब सबका भला होना चाहिए। महंगाई की बहुत मार पड़ रही।

पशु बीमा में अब भैंस भी शामिल
सीएम ने दो पशुओं के फ्री बीमा में अब दुधारू भैंसों को भी शामिल करने की घोषणा की है। गहलोत ने कहा- अब तक फ्री पशुधन बीमा योजना में दो गायों का 40-40 हजार का बीमा करवा रहे हैं। अब इस योजना में दुधारू भैंसों को भी शामिल किया जाएगा। पशुधन बीमा योजना में अब पशुपालकों की दो दुधारू भैंस का भी फ्री बीमा होगा।

हमारे महंगाई राहत कैंपों से महंगाई कम होगी
गहलोत ने कहा- महंगाई से पूरे देश की जनता त्रस्त है। हमने जो महंगाई राहत कैंप लगाए हैं और योजनाएं दी हैं उनसे महंगाई कम होगी। आम आदमी को घर चलाने में आसानी होगी। आम आदमी का घर चलाना बहुत महंगा हो रहा है।


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