सीएम गहलोत के वार्ता के न्यौते के साथ ही मुरारी सैनी सहित 16 को जेल से रिहा किया

भरतपुर ब्यूरो रिपोर्ट।  

भरतपुर में माली-सैनी समाज के आरक्षण आंदोलन को लेकर तेजी से घटनाक्रम बदला है। दोपहर 1 बजे आंदोलन के नेता मुरारी लाल सैनी व शैलेंद्र कुशवाह समेत 16 लोगों को भरतपुर की सेवर व करौली की जेल से रिहा कर दिया गया। मुरारी लाल सैनी व शैलेंद्र कुशवाहा भरतपुर से आंदोलन स्थल अरोदा गांव पहुंचे तो आंदोलनकारियों ने दोनो नेताओं को कंधों पर उठा लिया। इस दौरान हाईवे खाली करने को लेकर नेताओं के बीच वहां काफी लंबी बात हुई।

आखिर 4 बजे के करीब मुरारी लाल सैनी ने ऐलान किया कि हम हाईवे खाली कर रहे हैं। लेकिन आंदोलन जारी रहेगा। हम हाईवे से 500 मीटर दूर बैठेंगे। एक कमेटी बनेगी जो जयपुर जाकर आरक्षण के संबंध में सरकार से वार्ता करेगी। आज ही जयपुर जाकर बात होगी। इस पर आंदोलनकारियों में से अधिकतर ने हाईवे खाली करने का विरोध किया और वार्ता होने तक हाईवे पर ही डटे रहने की बात कही।

यह भी कहा जा रहा है कि प्रशासन ने मुरारी लाल सैनी से कहा कि आरक्षण के लिए माली सैनी समाज का सर्वे किया जाएगा, इसके बाद आरक्षण को लेकर कमेटी बनाकर विचार किया जाएगा।


सेवर जेल के बाहर लगे जिंदाबाद के नारे

सोमवार दोपहर मुरारी लाल सैनी व शैलेंद्र कुशवाह को भरतपुर की सेवर जेल से रिहा किया गया। उन्हें लेने समाज के नेता फूल मालाएं लेकर पहुंचे थे। बाहर निकलते ही नारेबाजी की गई व स्वागत किया गया। इसके बाद सैनी आंदोलन स्थल अरोदा के लिए रवाना हुए।

बता दें कि फुले आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक मुरारी लाल सैनी, आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्य बदन सिंह कुशवाह, शैलेंद्र सिंह कुशवाह, गौरव सैनी, हितेश और गोवर्धन निवासी शुभम और पंकज को 20 अप्रैल को गिरफ्तार किया था।

अरोदा गांव में चौथे दिन भी चक्का जाम

अरोदा गांव में सैनी, कुशवाह, मौर्य, माली समाज का चक्का जाम सोमवार को चौथे दिन भी जारी है। प्रशासन ने वैर, भुसावर व नदबई कस्बों में नेटबंदी आज रात 12 बजे तक के लिए बढ़ा दी है। इससे पहले रविवार रात 5 सदस्यीय डेलिगेशन कलेक्टर आलोक रंजन से मिला था। जिसने मुरारी लाल सैनी सभी आंदोलनकारियों को छोड़ने के लिए सीएम गहलोत के नाम एक ज्ञापन सौंपा था। 20 अप्रैल को समाज के नेताओं की गिरफ्तारी के बाद 21 अप्रैल को अरोदा गांव के पास नेशनल हाईवे 21 पर कब्जा कर लिया था। समाज के लोग मुरारी लाल सैनी सहित उन सभी 26 लोगों को छोड़ने की मांग कर रहे थे, जिन्हें आंदोलन के समय गिरफ्तार किया गया था। इनमें से 16 लोगों को रिहा कर दिया गया है।

मुरारी लाल सैनी की रिहाई के बाद अब सरकार से आरक्षण सहित अन्य मांगों पर चर्चा हो सकती है। हालांकि नेशनल हाईवे 21 को खाली करने को लेकर अभी तक तस्वीर साफ नहीं है। 

चौथे दिन भी हाईवे पर आंदोलनकारी

दूसरी तरफ आंदोलन स्थल पर महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग, युवा हाथों में लाठी डंडे लेकर हाइवे पर अड़े हुए हैं। इन चार दिनों में सरकार का कोई मंत्री या सरकार कोई प्रतिनिधि आंदोलनकारियों के पास नहीं पहुंचा। सोमवार को आंदोलनकारियों ने PWD मंत्री भजन लाल के विरोध में नारेबाजी की। आंदोलनकारियों का कहना है कि, 21 अप्रैल को उन पर आंसू गैस के गोले दागने के आदेश मंत्री भजन लाल जाटव ने दिए थे।

डिवीज़नल कमिश्नर सांवर मल वर्मा के आदेश के बाद नेटबंदी सोमवार रात 12 बजे तक के लिए बढ़ा दी है। जिसको लेकर स्टूडेंट सहित सभी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नदबई, वैर, भुसावर इलाके में ई-मित्रों पर स्टूडेंट्स का जमावड़ा लगा हुआ है। इसके अलावा कॉम्पिटिशन की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी भी ई-मित्रों की दुकान पर पहुंच रहे हैं।


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