जोधपुर ब्यूरो रिपोर्ट।  

राइट टू हेल्थ बिल को लेकर इन दिनों शहर के प्राइवेट हॉस्पिटल संचालक धरना देकर विरोध जता रहे हैं। प्राइवेट हॉस्पिटल डॉक्टर के समर्थन में हड़ताल पर गए रेजिडेंट डॉक्टर अब काम पर लौट आए हैं। डॉक्टर एसएन मेडिकल कॉलेज ने 90 जूनियर रेजिडेंट को नियुक्ति भी दी है। इनमें से 43 ने ज्वाइन भी कर लिया है। वही रेजिडेंट डॉक्टर के काम पर लौटने की वजह से अब यहां आने वाले मरीजों को भी राहत मिलेगी क्योंकि रेजिडेंट डॉक्टर के अभाव में कई ऑपरेशन टाल दिए गए थे।

डॉक्टर एसएन मेडिकल कॉलेज से जुड़े मथुरा दास माथुर हॉस्पिटल, उमेद हॉस्पिटल और महात्मा गांधी हॉस्पिटल में रेजिडेंट डॉक्टर वापस काम पर लौट चुके हैं। यहां पर 541 रेजीडेंट में से 373 ने गुरुवार को उपस्थिति दी। वही 33 रेजीडेंट देर रात को पहुंचे। डॉक्टर एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ दिलीप कछवाहा ने बताया अब कोई भी रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट स्ट्राइक पर नहीं है। उन्होंने बताया 90 जूनियर रेजिडेंट को नियुक्ति दी गई है जिनमें से 43 ने काम शुरू कर दिया है।

इधर गुरुवार देर रात रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के एक पक्ष ने बिल के विरोध में हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। हालांकि रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ संदीप देवात ने बताया कि हड़ताल जैसा कोई निर्णय नहीं हुआ। दूसरी और आरडीए ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने जारी विज्ञप्ति में दावा किया कि बिल के विरोध में रेजीडेंट डॉक्टर हड़ताल पर है।